Sunday, 3 April 2016

सस्ती लोकप्रियता

जी एक टेर्मिनोलोजी है सस्ती लोकप्रियता......
सस्ती लोकप्रियता का मतलब ऐसी लोकप्रियता से है जो सस्ते में बिना किसी परिश्रम के मुफ्त में मिल जाती है.....
अब मै विषय पर आता हूँ | कैलाश सत्यार्थी !!!!!!! नाम कुछ सुना सा लगा होगा | थोडा दिमाग पर जोर डालते है | अब कुछ लोगो को याद आता है ओ हाँ नोबल प्राइज विनर | जी महज 26 साल की उम्र में इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग की नौकरी छोड़ दी | बचपन बचाओ आन्दोलन की शुरुआत की क्योकि क्योकि उन्हें आज के बच्चो में कल का जिम्मेदार इंसान दिखता था| विश्व भर के 144 देशों के 83000 से अधिक बच्चों के भविष्य को सवारने का काम किया | 35 साल निस्वार्थ मेहनत करने के बाद नोबल पुरस्कार मिलता है और 61 वर्ष कीअवस्था में हम और आप ऐसे महात्मा के बारे में थोडा बहुत जान पाते हैं................
जी और दूसरा नाम है कन्हैया कुमार जे.एन.यु. अध्यक्ष | जो मात्र एक बयानबाजी से देश भर में मशहूर हो गया | और मै दावे के साथ कह सकता हूँ की आप इस इंसान को कभी नहीं भूलेंगे कैलाश सत्यार्थी को चाहे भूल जांय | टी वी पर न्यूज़ चैनल्स में, रेडियो पर फेसबुक पर, ट्विटर पर हर जगह आपको ये कन्हैया कुमार मिल जायेंगे | मै कड़े तौर पे इस इंसान की निंदा भी नहीं करूंगा | आखिर मै जानता ही कितना हूँ सिर्फ सुनी सुनाई बाते | परन्तु मुझे एक बात नहीं समझ आती की हंगामा इत्ता क्यों है| क्या हम आप किसी के इशारों पर चल रहे है कल तक सहिष्णुता/असहिष्णुता,कलबुर्गी,सनातन संस्था ,सम्मान वापसी चल रही थी,लोग किसी इंसान के मरने पर भी उसके आदर्शो के खिलाफ राजनीति कर ले रहें थे ,और अब ये कन्हैया कुमार | कौन है ???????????????
जो हमें जैसा चाहता है सोचने पर मजबूर कर देता है | हम आप वैसा ही सोचते है जैसा सामने वाला चाहता है |
जी मीडिया की भागीदारी भी बराबर ही है और हमारी आपकी भी | और जब तक ये हम आप इस प्रकार की ख़बरें चाव से देखते रहेंगे तबतक सस्ती लोकप्रियता बटोरने के चक्कर में इस प्रकार की बयानबाजी और भाषानबाजी होती रहेगी ..........
‪#‎दिमाग‬ का दही

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